स्वच्छ भारत मिशन में उद्योग जगत की भूमिका महत्वपूर्ण - सीआर पाटिल, गजेन्द्र सिंह शेखावत

नई दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सरकार के स्वच्छता अभियान को जनता के सम्मान और स्वास्थ्य रक्षा का प्रयास बताते हुए कहा है कि इस अभियान में उद्योग जगत और नागरिक संस्थाओं की महती भूमिका हो सकती है। श्री पाटिल ने यहां '9वें आईएससी- फिक्की स्वच्छता पुरस्कार एवं भारत स्वच्छता सम्मेलन 2025' के नाम एक वीडियो संदेश में कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण (एसबीएम-जी) का दूसरा चरण खुले में शौच की विवशता (ओडीएफ) से छुटकारा दिलाने से आगे का माडल है जिसमें ओडीएफ प्लस मॉडल गाँव बनाने के लिए ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन दोनों शामिल हैं। उन्होंने कहा, "स्वच्छता केवल सफ़ाई के बारे में नहीं है, बल्कि यह लोगों के सम्मान और उनके स्वास्थ्य के बारे में भी है । सरकार, उद्योग और संस्थानों के सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मैं उद्योग और संस्थानों से आग्रह करता हूँ कि वे इस क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपशिष्ट-से-संपत्ति मॉडल अपनाने पर अपना ध्यान केंद्रित करें। "
उन्होंने पिछले 10 वर्षों में 'वाश' (वाटर, सैनिटेशन, हाइजीन) श्रेणी के अंतर्गत भारत स्वच्छता गठबंधन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, 'स्वच्छता' आज एक जन आंदोलन बन गई है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएम-जी) के तहत, देश में अब तक 12 करोड़ से ज़्यादा शौचालय बनाए जा चुके हैं।"
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, गजेंद्र सिंह शेखावत ने वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे जीवंत और सबसे तेज़ी से बढ़ते पर्यटन स्थलों में से एक के रूप में गर्व से खड़ा है।
TITT